
अगर कोई व्यक्ति बिलकुल स्वस्थ्य है और अचानक उसकी सेहत 2 ही दिन में बहुत बिगड़ने लगे. वो सोच भी नहीं पाता है, जो काम वह करने की सोच चुका है पर वो काम कर नहीं पा रहा है. खुद को बंधा हुआ महसूस करते हैं, शरीर अकड़ा हुआ है. हाथ-पैर सिकुड़ जाते हैं, हाथों में, तलवों में बहुत दर्द होता है. उसे लगे कि उसका पैर और हाथ जकड़ रखा है, उसका सर भी जकड़ रखा है तो समझ लें कि इस व्यक्ति के ऊपर स्तंभन क्रिया की गई है, उसे बांधा गया है ताकि वह जीवन में कोई काम न कर पाए. अगर किसी व्यक्ति को लगे कि उसका सिर अचानक गर्म रहने लग गया है. उसके तालु अचानक झनझनाने लगा है. उसकी गर्दन पीछे से अकड़ी हुर्ह है. बार-बार सरवाइकल हो रहा है, एक्सरसाइज के बाद भी आपकी गर्दन की अकड़न नहीं जा रही है. तो समझ लीजिए कि ऐसे व्यक्ति को स्तंभन कार्य कर के बांधा गया है.

अगर किसी व्यक्ति की बात करते हुए बार-बार जीभ कट रही है. उसके मुंह से खून आ रहा है. बिना किसी वजह से उसके दांत में दर्द हो रहा है. अचानक मुंह में जख्म होने लगें तो समझ लीजिए कि उसकी वाणी को बांधा गया है.

अगर किसी व्यक्ति की सरकारी नौकरी लगी हो और कुछ ही महीनों में उसका मन नौकरी छोड़ने का करने लगे या उसका मन न लगे या उसका बार-बार ट्रांसफर हो रहा हो तो समझ लीजिए कि उसके ऊपर उच्चाटन तंत्र किया गया है. इस तरह की तंत्र बाधा वो लोग करते हैं जो आपकी खुशी नहीं देख पाते या जो आपसे जलन रखते हैं. ऐसे ही अगल आपका चलता हुआ व्यापार हो और अचानक आपका मन करे कि मैं उसे छोड़ दूं कुछ और करूं तो समझ लीजिए कि उच्चाटन तंत्र किया गया है.

इसके अलावा अगर नौकरी, धन, संपत्ति सबकुछ होते हुए भी शादी के रिश्ते न हो रहे हों. तो ये आपका लग्न बंधा हुआ है.

अगर पति-पत्नी की टेस्ट रिपोर्ट सही आती है और उसके बाद भी कंसीव नहीं कर पा रही हैं, तो समझ लीजिए कि स्त्री की कोख को या पुरुष के लिंग को तंत्र से बांध दिया गया है.
